रविवार, 30 नवंबर 2008

आस्था

हिंदू पूजते मन्दिर केवल
सिख पूजते गुरूद्वारे
मुस्लिम जाते मस्जिद केवल
पैर में पूजू सब द्वारे
राम भी मेरे ईसा भी मेरे
नानक और मक्का मदीना मेरे
इन सभी के आशिरवादों से
जीवन के क्षण बीते सारे
सभी ग्रन्थ देते उपदेश
सत्ये अहिंसा प्रेम ईमान
गुरु ग्रन्थ हो या बाइबल
चाहे गीता हो या कुरान
पूजा स्थलों का महत्व जानो
ग्रंथों के उपदेशों को मानो
नही मिटायो कोई निशान
एक दूजे का रखो धयान
मानव की कोई जात नही हे
सभी की जात हे इंसान
हिंसा के मत बनो पुजारी
नही बनो खूनी दरिन्दे हेवान
चलो मिलकर बजाये घंटियाँ
और मिलकर लगाये अजान
गुरुवाणी गाये गुरुदेव की
मधुर मिलन से बन जाए इंसान...

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